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Saturday, May 21, 2011

पंडित जी, हम भी फिर से पेट्रोल की कीमत बढने के इंतज़ार में है..

वाकई पंडित जी, आपकी लेखनी का लोहा मानने वाले आपके हज़ारों प्रशंसकों में मैं भी एक् हूं.
बड़ा धारदार व्यंग्य है.
पूरी कशिश के साथ अपनी बात रखी है आपने.
बधाई
डा. अरविन्द चतुर्वेदी
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