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Saturday, June 11, 2011




पथिक जी के दर्द सा मेरा भी दर्द है।
देश का प्रधान मंत्री कहता है कि उसके पास सोते बच्चों और महिलाओं और निहत्थे साधुओं पर,जो स्वब अहिंसा का व्रत लिये थे, रात में लाठी बरसाने और अश्रु गैस के बमों से हमला करने के आलावा शान्ति बनाए रखने के लिये कोई चारा नहीं था।
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