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Saturday, September 10, 2011

कुछ इधर की-कुछ उधर की

कविता पाठ करते हुए पंडित सुरेश नीरव

 रंगझर बरसै कविता के..

कविता पाठकरते हुए श्री बीएल गौड़
जहां एक तरफ कल दिल्ली-गाजीयाबाद-गुड़गांव भारी बारिश के कारण ट्रैफिक जाम से जूझ रहे थे वहीं कुछ जांबाज कवियों ने इन मुश्किलों को धता बताते हुए गौड़विस्टा में आयोजित काव्यसंध्या में कविता की फुहारों में भीगकर जिंदगी का जश्न मनाया। इन कवियों की कतार में शामिल हुए फनकारों में उदयप्रताप सिंह, बीएल गौड़,पंडित सुरेश नीरव, कृष्ण कल्पित रजनीकांत राजू और पुरुषोत्तम नारायण सिंह उल्लेखनीय हैं। पूरे तीन घंटे चली इस कविगोष्ठी का आमंत्रित श्रोताओं ने खूब आनंद लिया।
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हम किसी से कम नहीं
इस्पातमंत्रालय का हिंदी पखवाड़ा
प्रतिकूल स्थिति में भी काम करनेवालों के हौंसलों में कमी नहीं आती इस बात का सबूत है इस्पात मंत्रालय द्वारा उद्योग भवन में आयोजित हिंदी पखवाड़ा काव्य-प्रतियोगिता का सफल आयोजन। पच्चीस प्रतिभागियों ने जहां झमाझम कविता पाठ करते हुए मुश्किलों को धता बताई वहीं बतौर निर्णायक पंडित सुरेश नीरव से भी मुसलसल पैंतालीस मिनट कविता पाठ करवा कर कविताओं का भरपेट लुत्फ उठाया। संयुक्त निदेशक भाषा श्री अशोक कुमार ने अंत में कविवर नीरव का आभार जताया।
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प्रलयजी की चिकोटियां
लोकप्रिय हास्य-व्यंग्य कवि कटनीवाले प्रकाश प्रलयजी दुबारा अपनी फुल फॉर्म में जयलोकमंगल में बल्लेबाजी कर रहे हैं। कविता के जरिए मौजूदा हालातों में जो चिकोटिया वह भर रह हैं उन्हें पढ़कर उनकी चिकोची भरने का बार-बार मन हो आता है। जब कभी कहीं मिलेंगे तो ये अरमान भी पूरे कर लिए जाएंगे।
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पथिकजी की पीढ़ा
वीररस के कवि अरविंद पथिक ने लैपटॉप खरीद लिया है। बड़े बलबले हैं दिल में ब्लॉगिग करने के। मगर शोख तकनीकियां उन्हें सताए चली जा रही हैं। अरे भाई अगर जूता भी नया हो तो काटता है फिर ये तो लैपटॉप है। लगे रहो मुन्ना भाई..
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हंसजी की उड़ान
 आजकल भगवानसिंह हंसजी कुछ ज्यादा मशरूफ हैं। कारण है कि वे अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन की दिल्ली शाखा के अध्यक्ष हो गए हैं और सदस्यों की राज्यवार सूची बनाने में युद्धस्तर पर डटे हुए हैं। उधर दफ्तर के कुरुक्षेत्र में भी उन्हें दैनिक धर्मयुद्ध लड़ना पड़ रहा है। विनाशाय च दुष्कृताम की मुद्रा में वे कौरवों को ललकार रहे हैं।
सभी सदस्यों को जयलोकमंगल..
प्रेषकः पंडित सुरेश नीरव

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