Search This Blog

Monday, November 14, 2011

जिनके लिए बेमानी है बाल दिवस


आज बाल दिवस है। 




पंडित
जवाहरलाल नेहरूजी
का     पावन-जन्मदिन। 
नेहरू भारत के नौनिहालों में देश का भविष्य देखते थे। और बच्चों के लिए काफी कुछ करना भी चाहते थे। आज भारत में बच्चों की दो तरह की दुनिया हो गई है । एक वे बच्चे जो लाखों का डोनेशन देकर स्कूल में भर्ती हो रहे हैं और जंक फूड खाकर तमाम तरह की बीमारियों का लुत्फ उठा रहे हैं और दूसरी तरफ 24.6 करोड़ वे बच्चे हैं जो हाड़तोड़ मजदूरी करके,अपना पेट पालते हैं। 17.6लाख वे बच्चे हैं जो इलाज के अभाव में मर जाते हैं। और 6 करोड़ वे बच्चे हैं जिन्हें शिक्षा के अधिकार के सरकारी पाखंड के बाद स्कूल का मुंह देखना भी नसीब नहीं होता है। साथ-ही-साथ 44 हजार वे बदनसीब बच्चे हैं जो हर साल गायब हो जाते हैं। मालिकों की प्रताड़ना और उनकी यौन कुंठाओं का शिकार होना जिनकी नियति है। नेहरूजी आपके वारिसों ने आपके देश के भविष्य के साथ क्या खिलवाड़ किया है,जरा देखिए और सोचिए क्या से क्या हो गया...आपके सपनों का भारत..
पंडित सुरेश नीरव
Post a Comment