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Monday, December 12, 2011

क्रांतिकारियों के बलिदान को रेखांकित करने का एक विनम्र प्रयास



मित्रों पं० रामप्रसाद बिस्मिल को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये 'बिस्मिलचरित' के चतुर्थ सर्ग मे मैने काकोरी एक्शन के बाद की परिस्थितियों का वर्णन कर क्रांतिकारियों के बलिदान को रेखांकित करने का एक विनम्र प्रयास किया है अपनी कोशिश मे  कितना सफल हो सका हूं बताइयेगा अवश्य---
"उस सत्ता को जिसका सूरज सदा चमकता रहता था
जिसके क्रोध कीर्ति का डंका जग में बजता रहता था
ऊसकी यशोपताका को था ,पलक झपकते गिरा दिया
'काकोरी' के घटनाक्रम ने अंग्रेजों को हिला दिया
खबर छपी सारी दुनिया के परचों में अखबारों में
सन्नाटा छा गया,विश्व की अंगरेजी सरकारों में
सत्ता का आतंक घटा,टूटा था गोरों का दंभ
लेकिन तय था सर्प शीघ्र ही मारेगा कस कर के दंश  
 पग-पग पर जासूस लगे थे,वातावरण था,भयकारी
काकोरी के बाद का हर पल ,अंगरेजों पर था भारी
हुईं बैठकें लंदन में भी ,और हुईं दिल्ली में भी
वायसराय के गुप्त रूम मे,हुईं असेंबली में भी
"जाग उठा भारत तो हमको ,जाना ही पड जायेगा
तेईस करोड ने फूंक लगायी तो लंदन उड जायेगा
अगर खजाना लुट जाने का ,क्रम चालू हो जायेगा
कुछ ही दिनों में निश्चय हीफिर ,कोई गज़ब हो जायेगा


आखिर,कितने दिन सत्ता का  दर्प शेष रह सकता है
अंगरेजों का रक्त किसी दिन गलियों मे बह सकता है"


निश्चय ही अंगरेज़ी शासन सांसत में था पडा हुआ
क्रांतिकारियों के उन्मूलन की ज़िद पर था अडा हुआ
क्योंकि 'एक्शन 'होते रहते तो,सब कुछ लुट जाना था
भारत शोषक अंगरेजों के चंगुल से छुट जाना था
सोच-सोच कर पस्त हो गये लेकिन कोई छोर न था
वातावरण में आहट थीं पर ,ऊपर कोई शोर न था
भीतर भारी उथल-पुथल थी ,गोरे थे सब डरे हुये
कंपित थे गौरव लुटने से ,गुस्से से थे भरे हुये
देख नज़ाकत मौके की,दांव पे सब कुछ लगा दिया
काकोरी ने अंगरेजों को   भीतर तक था हिला दिया
अंगरेज़ी जासूस तंत्र ने,अपने सहस्र फन फैलाये
मि० हार्टन काकोरी की छानबीन करने आये
शाहजहांपुर से बनारस तक नये नये चेहरे प्रकटे
मोद मनाते बच्चों पर ज्यों ,खूनी भेडिये हों झपटे


सबसे बोला था बिस्मिल ने शांत रहो सामान्य रहो
अभी एक्शन की बातों को ,नाही सुनो औ ना ही कहो
लेकिन कुछ उत्साही साथी धीरज को ही देते थे 
बहुतेरे भावुक युवाओं को भर्ती कर लेते थे
बिस्मिल बार-बार कहते थे,धैर्य धरो आतुर न बनो
अछ्छे बुरे को जांचो परखो ,जितना गुन सकते हो गुनो
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