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Tuesday, September 11, 2012

सृजन पथ: उनींदी याद के झरोखों से तू मुझे आज भी सताती है

सृजन पथ: उनींदी याद के झरोखों से तू मुझे आज भी सताती है: तू मेरे पास ज्यों ही आती है ज़िंदगी हंसती मुसकुराती है सुन के मेरी दास्तान-ए-दिल वक्त की आंख छलक आती ...
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