There was an error in this gadget

Search This Blog

Monday, September 10, 2012

आदरणीय  नीरव जी 
*******************
नमन 

आपको प्राप्त ईश्वरीय उर्जारुपी 
दार्शनिक सूक्ष्म विद्द्ता को 
प्रणाम करता हूँ ;;;;;
आपकी दार्शनिक विचार धारा तो 
बहुत दूर हैं ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मैं तो आपके 
दर्शन मात्र से क्रतार्थ हो जाता हूँ ***
नमन ..............................................
प्रकाश प्रलय 
;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;

Post a Comment