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Saturday, October 13, 2012









आदरणीय श्री नीरवजी ने सही पोस्ट सही समय पर की है .इसके लिए उनको मैं बधाई देता हूँ और प्रणाम करता हूँ। 

 इससे  शिक्षा लेकर लोगों को आजादी के मंसूबे अपने चश्मे से देखने चाहिए . क्या हमें सच में आजादी मिली है और आजादी मिली  है तो हम कितने प्रतिशत उसको महसूस कर रहे हैं . वह  इस पोस्ट से सहज ही मालुम हो जाता है। शायद इस बेकीमती  पोस्ट का यही अंदाज है।

चर्चिल का बयान  जो आजादी के वर्ष 1947 से पहले का है,, सच हो रहा है 

आजादी मिलते ही गुंडे-मवालियों और मुफ्तखोरों के हाथों में इंडिया की सत्ता चली जाएगी। तमाम हिंदुस्तानी नेता छोटे कद के होंगे और तिनके-जैसा वजन होगा। उनकी जुबान मीठी लेकिन दिल बेबकूफों-जैसा होगा। ये लोग आपस में सत्ता के लिए लड़ते रहेंगे। और हिंदुस्तान इस लड़ाई में खत्म हो जाएगा। एक बोतल पानी और ब्रेड का टुकड़ा भी टैक्स से नहीं बच पाएगा।


भगवान सिंह हंस 

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