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Wednesday, October 10, 2012

सब लोग हंस रहे हैं.

मधुर रस धार ------------
खुद को जरा सम्हालो , सब लोग हंस रहे हैं.
पर्दा शकल पे डालो , सब लोग हंस रहे हैं .
पौवा चढ़ा के आई ,वो है बड़ी हीरोइन ,
उस से नजर हटा लो ,सब लोग हंस रहे हैं.
चिकनी चमेली बनकर , उसने कमाए डालर ,
तुम घर के काम आ लो , सब लोग हंस रहे हैं .
( पेश ए खिदमत हैं चन्द शेर तेरे नाम सखी ,
बाकी मर्जी है तेरी मान जा या आगे बढ़ .
खुली किताब का पन्ना हूँ फडफड़ाउंगा ,
तेरी मर्जी मुझे सहेज और आगे पढ़ .)

---------------------- डॉ. मधुर
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