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Sunday, November 18, 2012

साहित्य अकादमी समय-समय पर समस्त भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों कवियों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।इसी क्रम मे आगामी २२ नवंबर को 'राजभाषा मंच' कार्यक्रम के अंतर्गत साहित्य अकादमी ने रवींद्र भवन ३५ फीरोजशाह मार्ग नई दिल्ली स्थित
 अपने सभाकक्ष में 'पं० सुरेश नीरव' को एकल काव्य पाठ के लिये आमंत्रित किया है।
पं० सुरेश नीरव हिंदी कविता के उन गिने -चुने हस्ताक्षरों में हैं जो कविता की वाचिक और अकादमिक दोनो ही परंपराओं में पूरी गंभीरता से सुने,पढे और सराहे जाते हैं।एक स्कूल शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरूआत करने वाले पं० सुरेश नीरव हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप की साहित्यिक पत्रिका कादंबिनी के संपादकीय विभाग से लगभग ३५ वर्षों तक जुडे रहे।आपने अपनी कविता लेखन की शुरूआत 'गीत' जैसी नितांत साहित्यिक विधा सी की पर शीघ्र ही हास्य-व्यंग्य के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनायी।हिंदी काव्यमंच के सर्वश्रेष्ठ संचालक के रूप में आपकी प्रतिभा को अनेक बार सराहा गया है।कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में आपकी कवितायें स्थान रखती हैं।ओशो रजनीश की पुस्तक शिक्षा में क्रांति की भूमिका लिख चुके पं० सुरेश नीरव ऊब तक ३०० से अधिक पुस्तकों की भूमिका लिख चुके हैं।२० काव्य ,गज़ल ,निबंध ,आलोचना और अनुवाद की पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं ।मारीशस और नेपाल की संसद के सभाकक्ष में काव्य पाठ करने के साथ भारतीय संसद के अशोक सभागार में कविसम्मेलन का आयोजन और संचालन महामहिम डा० शंकरदयाल शर्मा की उपस्थिति में करने का श्रेय भी पं० सुरेश नीरव को ही है।
ऐसे पं० सुरेश नीरव को एकल काव्य पाठ के लिये आमंत्रित कर निश्चित रूप से 'साहित्य अकादमी' ने एक पुण्य कार्य किया है।साहित्य अकादमी का 'राजभाषा मंच' इसके लिये बधाई का पात्र है,।आप सब भी २२ नवंबर सायं ५'३० पर पधार कर इस अवसर के सहभागी बनें।निमंत्रण पत्र की औपचारिकतायें तो साहित्य अकादमी के कर्ता निभायेंगे परंतु मैं आप सभी मित्रों को इस पोस्ट के माध्यम से निजी रूप से इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाग लेने के लिये आमंत्रित करता हूं।याद रखें--साहित्य अकादमी,रवींद्र भवन,३५ फीरोजशाह मार्ग मंडी हाउस ,नई दिल्ली।२२ नवंवर सायं ५'३०।
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