Search This Blog

Sunday, December 30, 2012

जिंदगी के कदम कभी रुकते नहीं हैं

             अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति-
                                     ------------------------------------------------------
तमाम हादसों और दुर्घटनाओं के बावजूद जिंदगी के कदम कभी रुकते नहीं हैं। हर बार एक नई ताक़त और एक नए जोश के साथ ज़िंदगी फिर आगे बढ़ती है। आनेवाला साल उम्मीदों की एक नई और सुनहरी सुबह बनकर आपकी उपलब्धियों के आंगन में उतरे...इन्हीं मंगल कामनाओं के साथ आइए करें हम-2013 का शुभकारी अभिनंदन...
-पंडित सुरेश नीरव
Post a Comment