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Monday, December 9, 2013

शिवकुमार बिलग्रामी के अशआर




* सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति-
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सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति की कोशिश रहती है कि आज जो लिखा जा रहा है और जो अपने खास अंदाज़ के कारण लोगों की जुबान पर है ऐसे मशहूर अशआरों से आपको रू-ब-रू कराया जाए। लीजिए इसी क्रम में पेश हैं ***शिव कुमार बिलग्रामी के दो शेर। हमारी यह कोशिश आपको कैसी लगी कृपया अपनी राय ज़रूर दीजिएगा।
*****-सुरेश नीरव

*हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक
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***** श्री चेतन रामकिशन के अशआरों पर हमें अपने इन पाठकों की प्रतिक्रियाएं मिली हैं- सर्वश्री-धन्यवाद बलराम तोमरजी,चेतन रामकिशनजी,धीरज चौहानजी,शशीश कुमार तिवारीजी,संत कृष्ण आनंदजी,प्रवीण कुमारजी,विजय पटेलजी,कामदेव शर्माजी,विनलेंदु सागरजी,शैलेश पाठकजी,प्रमोद कुमारजी,अशोक कौशिकजी,अजय अज्ञातजी,उषा यादवजी,राजेश गोधाजी,धीरज चौहानजी,प्रहलाद पारीकजी,कविता वशिष्ठजी,धीरज दवेजी,सौरभ मिश्राजी,कविता कविताजी,राजेश गोधाजी,कृष्ण मिज्ञजी,नीतू राठौरजी,विमल चतुर्वेदीजी,ओमप्रकाशजी,विनोद पांडेजी,कामदेव शर्माजी.दिनेश सोनी मंज़रजी,संदीप कुलश्रेष्ठजी और सागर आनंदजी।
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सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति की और से हम अपने इन सभी सुधि पाठकों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं और उम्मीद करते हैं कि भविष्य में भी इसी तरह अपनी राय से हमें अवगत कराते रहेंगे।
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