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Saturday, December 7, 2013

गिरीश वर्मा के शेर

* सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति-
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सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति की कोशिश रहती है कि आज जो लिखा जा रहा है और जो अपने खास अंदाज़ के कारण लोगों की जुबान पर है ऐसे मशहूर अशआरों से आपको रू-ब-रू कराया जाए। लीजिए इसी क्रम में पेश हैं- ***गिरीश वर्मा के दो शेर। हमारी यह कोशिश आपको कैसी लगी कृपया अपनी राय ज़रूर दीजिएगा।
*****-सुरेश नीरव

*हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार* हार्दिक आभार*
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***** श्री दिनेश सोनी मंज़त के अशआरों पर हमें अपने इन पाठकों की प्रतिक्रियाएं मिली हैं- सर्वश्री- अनिल खंपरियाजी,प्रकाश प्रलयजी,कांति शुक्लाजी.कौशल मिश्राजी,प्रकाश उप्पलजी,डॉक्टर स्वीट एंगलजी,नरेन्द्र शर्माजी,डॉक्टर कीर्तिवर्धन श्रीवास्तवजी,नीतू राठौरजी,धीरज चौहानजी,सुरभि वर्माजी,कृषअम मित्रजी,प्रमोद कुमारजी,प्रदीप कुमार शर्माजी,विजय पटेलजी,सुधीर पाठकजी,अरुण चंद रायजी,ऋषभ सोनीजी,संजय खरेजी,आशु गौतमजी,उपेन्द्र सिंह नेगीजी,नीरज चतुर्वेदीजी,आशु गौतमजी,शैलेश पाठकजी,विनोद पांडेजी,आदिल रशीदजी,दिनेश सोनी मंज़रजी,राजेश जैसवालजी,शशीश कुमार तिवारीजी।
सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति की और से हम अपने इन सभी सुधि पाठकों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं और उम्मीद करते हैं कि भविष्य में भी इसी तरह अपनी राय से हमें अवगत कराते रहेंगे।
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