आज लोकमंगल पर बहार है
आज देखा तो लोकमंगल पर मधु मिश्रा,ओ. चांडाल,मुनीन्द्र नाथ चतुर्वेदी, मकबूलजी और पं। सुरेश नीरव जी दिख रहे हैं। हजामत का जलबा पूरा है। आपने कोई नया ग्राहक जो आज डाला है उनकी हजामत यहीं भी बनती तो कुया फर्क पड़ता। भगवान ने पहले से ही उनका इंतजाम किया हुआ ता। फिर भी आपने बाल की खाल निकल ही दी। प्रकाश चंद जी को अब दुनिया जान जाएगी। आपकी हजामत का यही तो करिश्मा है। सभी साथियों को नमस्कार मैं इन दिनों बाहर हूं इसलिए रोज़ाना नहीं लिख पा रहा हूं। पर पढ़ता ज़रूर हूं। आदत जो पड़ गई है। जल्दी ही हाज़िर होता हूं।
पंडितजी पालागन॥
भगवान सिंह हंस
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