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Friday, December 18, 2009


सरफरोशी की तमन्ना के अमर शहीद पं. रामप्रसाद बिस्मिल के प्रति मेरे घर में तो पूजा का वातावरण रहता है। इस समय भी घर के हर कमरे में बिस्मिलजी के आदमकद चित्र तो मिलेंगे ही पूजा स्थल पर भी बिस्मिलजी ही विराजमान हैं। साथ में हैं चंद्रशेखर आज़ाद। रामप्रसाद का सम्मान क्या कोई सोट सकता है कि इतना भी हो सकता है कि मेरे पतिदेव श्राद्ध केसमय बिस्मिलजी और आजाद का भी श्राद्ध करते हैं। और उनको अपने पुरखों में और पितरों में ही शुमार करते हैं। मैं बलिदान दिवस पर सपरिवार उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करती हूं।
मधु मिश्रा

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