कैलाश वाजपेयी की कविताएं
औरतें
अंधा कूप्प
उमस भरे खेत हैं
आप तैर जाएँ तो जाएँ
ईश्वर के लिए
उग नहीं आएँ।
अंधा कूप्प
उमस भरे खेत हैं
आप तैर जाएँ तो जाएँ
ईश्वर के लिए
उग नहीं आएँ।
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लेटना ज़रूरी है।

| जन्म: 11 नवंबर 1934 | |
| उपनाम | |
| जन्म स्थान | |
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | संक्रान्त, भविष्य घट रहा है, सूफ़ीनामा, हवा में हस्ताक्षर |
| विविध | |
| जीवनी | कैलाश वाजपेयी / परिचय |
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