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Saturday, February 20, 2010

आप तैर जाएँ तो जाएँ

 कैलाश वाजपेयी की कविताएं
औरतें
अंधा कूप्प
उमस भरे खेत हैं
आप तैर जाएँ तो जाएँ
ईश्वर के लिए
उग नहीं आएँ।
00
लेटना ज़रूरी है।

जन्म: 11 नवंबर 1934
उपनाम
जन्म स्थान
कुछ प्रमुख
कृतियाँ
संक्रान्त, भविष्य घट रहा है, सूफ़ीनामा, हवा में हस्ताक्षर
विविध
जीवनीकैलाश वाजपेयी / परिचय

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