पंडित सुरेश नीरवजी ने बड़े ही संछिप्ट सब्दो मैं बड़ा विस्तार समेत दिया इटली के बारे मैं। बहुत बहुत धन्यवाद । क्या ही अच्छा होता अगर कुछ तस्वीरें भी साथ मैं देखने को मिलती ।
हजामत वर्णन के अंतर्गत आपने देश तथा देशवाशियों के दर्द को बड़े ही सजीव चित्रण के साथ उबारा है । काश यह दर्द , दर्द देना वाला भी समझ पता ।
जैसा की आपने सुना होगा जब कांग्रेस कार्य समिति मैं माननीय मंत्री कृषि एवं खाद्य आपूर्ति की महंगाई के लिए आलोचना की गयी तो उनके चेलों ने अपने एक भासन मैं सरकार से अलग हटने की धमकी दे डाली परन्तु यह नन्ही बताया की उनके नेता ने देश की जनता का जो हल किया है उसकी क्या दवा है । देश को लूटो और खाओ और देशवासियों को बोलो मैं आपके किये अपना सर्वस्व जीवन निछावर कर रहा हूँ । अपने आगामी संतानों के लिए अकूत सम्पति इकठी कर के ही मानूंगा। अब जब लोक सभा के चुनाव पञ्च वर्ष बाद होने है तो देश या देशवासियों के लिए ज्यादा परेशां होने की जरुरत नन्ही है एक दो मीटिंग करते रहो कमियों के लिए इल्जाम किस और की और लगाते रहो ।
जैसा कल एक अखबार मैं पड़ा की जब बिहार चुनाव आने वाले है तो युवराज मुंबई , मैं बिहार के लोगों की सुरक्षा के लिए मुंबई के लोकल ट्रेन मैं घूमने का सुन्दर कार्यकम कर रहे हैं परन्तु देल्ही की ब्लू लाइन किलर बसों मैं कभी नहीं दिखाई देते । उत्तर प्रदेश के चुनाव के समय हरिजन परिवार मैं रहने के बहुत ही मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत करते है और देश के रहनुमा के रूप मैं अपना नया मुकाम और कारनामा देश के मीडिया के माध्यम से सबसे ज्यादा जगह जाने जाते हैं। पर देल्ही के किसी गरीब बस्ती मैं नन्ही रुक सकते क्योनिक यह तो आप चुनाव जित ही रहे है। देश की जनता को संख्या के आधार पर पहिचानो । उससे उतनी हो मोहब्बत करो जीतनी जरुरी है । उसको सर बिठाने की जरुरुँत नन्ही है और जब कम संपत हो जाय तो आगे बड़ो और नए सर्कस की तयारी करो।
इस अखबर की चिंतन काफी सटीक सी लगाती है।
मुनीन्द्र नाथ
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