
आज नीरव जी ने मीना कुमारी की ग़ज़ल पढवा कर दिलों से बेसाख्ता 'आह' निकलवा दी। लाज़वाब अभिनेत्री, गज़ब की शायर, बे-इन्तहा खूबसूरत इस शख्सियत की जिंदगी परदे पर जितनी रंगीन नज़र आती थी, हकीक़त में उतनी ही बे-रंगीन थी। सारी जिंदगी मुहब्बत के एक लम्हे के लिए तरसी और जिस तरफ भी हाथ बढाया , धोखा ही खाया।
सच, इस बेमिसाल अदाकारा की जिंदगी ऐसे ही बीती
''टुकड़े-टुकड़े दिन बीता, धज्जी-धज्जी रात मिली''
नीरवजी को उनकी ग़ज़ल पोस्ट करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद !
अनिल
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