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Wednesday, February 3, 2010

हजामत नेताजी की ,बजरिये गज़ल

गर्दिश में है देश हमारा नेताजी
करिये बेड़ा पार हमारा नेताजी.


एक बार हम तुम्हे जिताकर धन्य हुए,
अब मत मांगो वोट दुबारा नेताजी.

पांच साल तक प्रभु तुम अंतर्ध्यान रहे
जनता ने अब तुम्हे पुकारा नेताजी.


लोहा ,पत्थर, तारकोल,पुल या गाड़ी,
हज़म तुम्हे सारा का सारा नेताजी.


पंजा,हाथी,फूल नहीं तुम पर फबते,
गधा बनेगा चिन्ह तुम्हारा नेताजी.


हत्या ,चोरी,लूटपाट छीना झपटी,
सब में होता हाथ तुम्हारा नेताजी.


कैसे होंगे बन्द निठारी हैसे कांड,
अपराधी है तुमको प्यारा नेताजी.

लेकर तुम सन्यास सभी पर कृपा करो,
विनती करता भारत सारा नेताजी.

छोड़ो कुर्सी और सत्ता का राग प्रभु,
तुम भी बोलो ता रा रा रा नेताजी.

-डा. अरविन्द चतुर्वेदी