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Wednesday, February 10, 2010

तुम भी भूल जाओ

जन्म: 14 जनवरी 1931
निधन: 25 अगस्त 2008
उपनामफ़राज़
जन्म स्थाननौशेरा, पाकिस्तान
कुछ प्रमुख
कृतियाँ
ख़ानाबदोश,, ये मेरी ग़ज़लें वे मेरी नज़्में, ज़िंदगी ! ऐ ज़िंदगी !, दर्द आशोब
विविधअहमद फ़राज़ का मूल नाम सैयद अहमद शाह है। आप आधुनिक युग के उर्दू के सबसे उम्दा शायरों में गिने जाते हैं।
जीवनीअहमद फ़राज़ / परिचय
Ahmad Faraz, Faraaz, Faraaj, Ranjish hi sahi
चित्र:Globe-Connected-32x32.pngकविता
इन्हीं ख़ुशगुमानियों में कहीं जाँ से भी न जाओ
वो जो चारागर नहीं है उसे ज़ख़्म क्यूँ दिखाओ

ये उदासियों के मौसम कहीं रायेगाँ न जायें
किसी ज़ख़्म को कुरेदो किसी दर्द को जगाओ

वो कहानियाँ अधूरी जो न हो सकेंगी पूरी
उन्हें मैं भी क्यूँ सुनाऊँ उन्हें तुम भी क्यूँ सुनाओ

मेरे हमसफ़र पुराने मेरे अब भी मुंतज़िर हैं
तुम्हें साथ छोड़ना है तो अभी से छोड़ जाओ

ये जुदाइयों के रस्ते बड़ी दूर तक गये हैं
जो गया वो फिर न लौटा मेरी बात मान जाओ

किसी बेवफ़ा की ख़ातिर ये जुनूँ "फ़राज़" कब तक
जो तुम्हें भुला चुका है उसे तुम भी भूल जाओ
(कविताकोश से साभार)
अहमद फराज

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