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Thursday, February 4, 2010

आज की पाती

 
मुनीन्द्रजी बधाई हो
आपका कंप्यूटर ठीक हो गया और ब्लॉग न लिख पाने की आपकी कसमसाहट से आपको मुक्ति मिली इसके लिए आपको बधाई। आपने मेरी इटली याक्षा के संदर्भ में जो टिप्पणी की है वह अपने आप में ही एक यात्रा वृतांत है। आपने तो खुद ही लोकमंगल के पाठकों को इटली-दर्शन करा दिए। आपने चतुर्वेदी पत्रिका में भारतीय वैज्ञानिकों को लेकर बहुत शोधात्मक जानकारी दी है मैं चाहता हूं कि जय लोक मंगल के पाठकों को भी आप अपने ज्ञान से लाभान्वित करें। ज्ञान बांटने से और अधिक बढ़ता है ऐसी मान्यता है। मेरे पालागन..
राजमणिजी आप को सलाम
राजमणिजी आप हर बार एक पाएदार कवि या शायर से  फोटो सहित रूबरू कराते हैं इसलिए मैं आपका फोटो लगाकर आपको सलाम करता हूं। आप जब नहीं लिख पाते तो मैं समझ जाता हूं कि आपका कंप्यूटर कहीं गड़बड़ कर रहा है फिर आप उसके कान मरोड़ते हैं और दोबारा उसे लाइन पर लगा देते हैं। कौलाश गोतम का गीत बहुत अच्छा लगा। इस रचनात्मक श्रम के लिए आपको धन्यवाद।




 हंसजी आपने राशिफल पढ़वाया बड़ा मज़ा आया आपको और आपको धन्यवाद।
पं. सुरेश नीरव

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