
संदर्भःहनुमानजी और मंगलवार-आज ब्लाग खोला तो जयलोकमंगल के मैदान में हनुमानजी के मंगल के दंगल के बारे में पढ़ा। कामनवेल्थगेम के दौरान ऐसे बौद्धिक खेल भी होते रहना चाहिए। वैसे भी हिंदूधर्म की सहिष्णुता ही है कि आप किसी भी मुद्दे पर बहस कर सकते हैं। किसी और धर्म की मान्यताओं पर बात करके कौन अपनी जान आफत में डालना चाहेगा। कब-कहां कौन-सा फतवा जारी हो जाए कौन जानता है। मंगलवार को शराब से परहेज या मांसाहार से परहेज से आखिर किसी को क्या शिकायत है। साल में 48 मंगलवार पड़ते हैं। 48 दिन भी यदि आदमी सुफी रहले तो क्या कम है। ऐसे ही नवरात्रि को 9 दिन परहेज के हैं। कुल मिलाकर 57 दिन यदि आदमी शराब से दूर हो जाए तो नुकसान क्या है। इस पर इतनी बहस की जरूरत भी नहीं है। शायद पंडित सुरेश नीरव मेरे विचार से सहमत होंगे। वैसे उनके आगे मैं क्या हूं। मेरे पालागन..
-मुकेश परमार
-मुकेश परमार
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