आज जब ब्लाग खोला तो सुबह-सुबह शंबूक वध को लेकर एक शोधपरक लेख पढ़ने को मिला। पोस्ट के नीचे नाम था -विश्वमोहन तिवारी का। फिर परिचय पढ़ा बजरिए पंडित सुरेश नीरव। इतने महान व्यक्तित्व का हमारे ब्लाग में पदार्पण एक शुभ लक्षण है। हम आभारी है कि उन्होंने सदस्य बनते ही इतने बढ़िया लेख के जरिए अपनी हाजिरी दर्ज की है।अच्छा हो कि तिवारीजी अपना एक आत्म परिचय ब्लाग पर पोस्ट करें ताकि दूर-दराज के सदस्यों को भी उनके बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके।उम्मीद है कि वे हमारी गुजारिश पर तबज्जो जरूर देंगे। शुभकामनाओं सहित-मुकेश परमार
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