Search This Blog

Wednesday, November 17, 2010

कविता के चोर


मेरी बहुचर्चित कविता "बुफे की दावत" को अन्य कवि मंच पर पढ़ ही नही रहे बल्कि पूरी आन-बान-शान से छपवा भी रहे हैं| ऐसे कविता चोरो का क्या किया जाए कृपया अपनी राय दें|

अशोक शर्मा [हास्य कवि]
Post a Comment