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Tuesday, November 23, 2010

आ गया में

बहुत दिनों के बाद आप से फिर मुखातिब हूँ । अस्वस्थता के कारण बार बार बहार जाना पड़ा और ब्लॉग से अलग रहना पड़ा। हर जगह हिंदी की सुविधा नहीं मिलती । विशेषकर डेल्ही में।
अरविन्द पथिक से विशेष रूप से विचार विनिमय करना चाहूँगा जिन ने रेकॉर्डिंग के लिए गुडगाँव तक की दोर लगाईबहुत सी पुरानी यादें ताजा हो गई । आशा करता हूँ कि आप लोगो से अब नियमित संपर्क रहेगा ।
आमीन
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