There was an error in this gadget

Search This Blog

Friday, November 19, 2010

शब्दिका


राखी का

इंसाफ

अस्लील्लता में

खो गया ...

जहा राखी हो

अस्लीलत न हो

साफ हो गया ..........

प्रकाश प्रलय कटनी

Post a Comment