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Sunday, December 19, 2010

अपना सर्वस्व न्यौछावर करनेवालों को मीडिया और राजनेता आज याद करना भी जरूरी नहीं समझते।

               सांस्कृतिक समाचार-                                   
बलिदानदिवस पर याद  किए गए  बिस्मिलजी
 नईदिल्ली-पंडित रामप्रसाद बिस्मिल फाउंडेशन के तत्वावधान में काकोरीकांड के महानायक और सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है के अमर गायक पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के बलिदान दिवस पर पूर्व एअरवाइस मार्शल श्री विश्वमोहन तिवारी के नोएडा स्थित आवास पर कवियों ने इस अमर देशभक्त को एकत्रित होकर अपनी भावभीनी काव्यांजलि अर्पित की। कवि गोष्ठी की अध्यक्षता विख्यात हिंदी कवि एवं पत्रकार पंडित सुरेश नीरव ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गोड़ग्रीन टाइम्स के संपादक बी.एल.गौड़  तथा सभी उपस्थित कवियों ने सर्वप्रथम बिस्मिलजी के चित्र पर माल्यार्पण किया। और इसके बाद गोष्ठी के संचालक ओजस्वी कवि अरविंद पथिक ने अपने खंडकाव्य बिस्मिल चरित से चुनिंदा कविताओं का पाठ कर गोष्ठी के संदर्भ को रेखांकित किया। इस अवसर पर सर्वश्री राजमणि,पुरुषोत्तम नारायण सिंह,गजेसिंह त्यागी,बीएल गौड़,विश्वमोहन तिवारी,अरविंद पथिक तथा पं. सुरेश नीरव ने बिस्मिलजी को समर्पित अपनी कविताओं का पाठ किया। उल्लेखनीय है कि 19 दिसंबर को ही गोरखपुर जेल में ब्रिटिश सरकार ने देशद्रोह के आरोप में इस महान क्रातिकारी को फांसी पर चढ़ाया था। इस अवसर पर सभी कवियों ने इस बात पर अफसोस जताया कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करनेवालों को मीडिया और राजनेता आज याद करना भी जरूरी नहीं समझते। यह बेहद दुख की बात है।
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