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Thursday, December 23, 2010

आप और बड़े होकर लौटें ...

The most important thing in life is to learn how to give out love, and to let it come in.
आदरणीय नीरवजी,
आप बड़ा दिन मनाने धर्मशाला जा रहे हैं। आपकी यात्रा सुखद हो और बड़े दिन के बाद आप और बड़े होकर लौटें ...
मेरी शुभकामनाएं

ज्ञानेन्द्र चतुर्वेदी
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