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Wednesday, January 26, 2011

गूँजती तालियों से हार्दिक स्वागत


जगदीश परमारजी

हे स्वतंत्रता सेनानी! हमार ह्रदय की पुकार।

गूँजती तालियों से आपका करते सत्कार ।

तुमने खायी फिरंगियों से लाठियों की मार।

प्रबल वीर बहादुर तुमने दिया उन्हें निकार

जोश- रोश वाणी तेरी दहका हर घर द्वार ।

क्रान्ति के पथ में जैसे दमके खंग तलवार।

काव्य शिरोमणि हे श्री जगदीश परमार।

काव्यांजलि से भरा भारत मां उदगार।

हम करते हैं तिहारा स्वागत -सत्कार ।

-भगवान सिंह हंस
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