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Thursday, February 10, 2011

बृहद भरत चरित्र महाकाव्य



कुछ अंश आप तक --
प्रभु राम ने धनु बाण ताना। लघु भी साथ करे संधाना।
भयंकर रण होय दो पक्षा। स्वयं कर रहे अपनी रक्षा।
प्रभु श्री राम ने रावण पर धनुष वाण ताने और छोटे भाई ने भी राम के साथ मिलकर रावण पर संधान किया । पक्षों में भयंकर युद्ध हो रहा है। राम अपनी रक्षा स्वयं कर रहे हैं।
रावण ने हनुमान निहारा। सरोष तुरंत थप्पड़ मारा।
कपि श्रेष्ठ गिरा खाय पछारा। सुग्रीव लाख क्रोध अपारा।
रावण ने हनुमान को देखा। रावण ने तुरंत उसके थप्पड़ मार दिया। कपि श्रेष्ठ पछाड़ खाकर धरती पर गिर पडा। यह देखकर सुग्रीव बहुत क्रोधित हुआ।
विशाल पर्वत शिखर उखाड़ा। रावण के कसकर वह मारा।
रावण हुआ रक्त अंगारा। धरती पर पडा जस पहाडा।
सुग्रीव ने विशाल पर्वत का शिखर उखाड़कर रावण के कसकर मारा । रावण रक्त अंगारा हो गया। वह धरती पर पहाड़ की तरह गिर गया।
रचयिता --भगवान सिंह हंस -9013456949

प्रस्तुतकर्ता--योगेश विकास






















































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