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Saturday, February 26, 2011

मैं आज से जातिओं की उच्चता और नीचता में विश्वास नहीं करूँगा

हीरालाल पांडेय
वीर सावरकर क्रांति शिरोमणि को आज सारा देश श्रद्धा से याद कर रहा है। मैं भी उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं...
जिस व्यक्ति को हिन्दू सभ्यता व संस्कृति पर गर्व है, वह हिन्दू है.। स्वातंत्र्य वीर सावरकर हिंदुत्व के प्रणेता थे. उन्होंने कहा था कि जब तक हिन्दू नहीं जागेगा तब तक भारत की आजादी संभव नहीं है. हिन्दू जाति को एक करने के लिए उन्होंने अपना समस्त जीवन लगा दिया. समाज में व्याप्त जातिप्रथा जैसी बुराइयों से लड़ने में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया. सन 1937 में सावरकर ने कहा था कि-
”मैं आज से जातिओं की उच्चता और नीचता में विश्वास नहीं करूँगा, मैं विभिन्न जातियों के बीच में विभेद नहीं करूँगा, मैं किसी भी जाति के व्यक्ति के साथ भोजन करने को तत्पर रहूँगा. मैं अपने आपको केवल हिन्दू कहूँगा ब्राह्मण, वैश्य या क्षत्रिय नहीं कहूँगा”.
वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम. वंदेमातरम.
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