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Sunday, February 13, 2011

मेरे इशु मानव से प्रेम करें वो मानव है

प्रिय बेटा इशु मानव ,
मै तो यही तुम्हारे परिवार में ही हूँ .तुमने शोषण के ज्ञानवर्धक लेख का आनंद नहीं लिया क्या .
डरो मत बेटा तुम्हारे गब्बर अंकल ने क्या कहा था की जो दर गया वो मर गया .तुम लोकमंगल परिवार के जैसे तो हो ही गए हो फिर क्यों डरते हो और तुमने संस्कार भी ग्रहण कर लिए ये ख़ुशी की बात है .बेटा अभी तीन चार दिन और तुम्हारी कुछ माताओं के साथ जी.बी.रोड में ही रहूँगा .अब तो यही अच्छा लगता है शरीफों के बीच घुटन होती है
तुम्हारा पिता
अभिषेक मानव
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