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Sunday, March 13, 2011

प्रतिभाएं अव्वल दर्जे की मगर नेतृत्व चौथे दर्जे का...


आदरणीय श्री विश्वमोहन तिवारीजी,
आपका अनीता गोयल पर दिया डिस्पैच बहुत जानकारी पूर्ण है। हमारा देश प्रथम दर्जे का देश है और हमारे देश की प्रतिभाएं भी हमेशा प्रथम दर्जे की रही हैं। मगर इस देश का प्रतिनिधित्व हमेशा चौथे दर्जे के लोगों के हाथों में ही रहा है, इस कारण सम्मान्य खुराना,सीवी रमण-जैसे वैज्ञानिकों को और अमर्त्य सैन-जैसे अर्थशास्त्रियों को देश छोड़कर बाहर जाना पड़ता है। अनीता गोयल भी उसी श्रंखला की वैज्ञानिक हैं जो आइंस्टीन से एक कदम आगे की सोच की वैज्ञानिक हैं। आपने उन पर बहुत ही जानकारीपूर्ण सामग्री दी है। काफी दिन ब्लाग पर न आपके न आ पाने का मलाल इसे पढ़कर जाता रहा। आपको बहुत बहुत धन्यवाद..
पंडित सुरेश नीरव
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