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Sunday, April 17, 2011

राम भक्त भरत




 भक्त  शिरोमणि महात्मा भरत अपने आराध्यदेव श्रीराम की खडाऊंओं को अपने माथे से लगाते हुए.
 भरत का सम्पूर्ण जीवन चरित्र श्री भगवान सिंह हंस रचित बृहद भरत चरित्र महाकाव्य में पढ़िए
 जिसमें हंसजी ने उनके चरित्र का विस्तृत  उल्लेख किया है. यह टीका सहित पुस्तक ७३६ पेज की है 
जो  प्रकाशाधीन है. यह  बिना टीक के अभी भी उपलब्ध है. 

योगेश विकास   
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