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Sunday, April 10, 2011

लोकार्पण ..........



                  पं सुरेश नीरव की रचनाएं ही उनकी जीवनी है! ..........उनके एक नूतन गीत का लोकार्पण !......शब्द जब दैवीय हों तो अपने क़द के 
अनुसार ही माध्यम  भी तलाश कर लेते हैं , और शब्द ऋषी श्री नीरव जी के साथ आत्म-सात हो गर्व महसूस करते हैं !श्रृंगार रस में डूबी एक रचना जो      सुनाई  भी देती है और दिखाई भी  ! .................प्रशांत योगी 


 




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