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Tuesday, May 24, 2011

वापिसी पर कुछ नया ही पाया.

आदरणीय श्रीनीरवजी, पालागन, मैं कठुआ यात्रा से वापिस आकर  दिल्ली में ब्लॉग पर देखा तो बहुत सारी नई-नई चीजें देखने को  मिली, मन ने प्रसन्नता का बड़ा इजहार किया. आपने स्व, राजीव गाँधी की स्मृति में एक बेहतरीन काव्यसंध्या का आयोजन किया और उस कवि सम्मलेन का बेहतरीन संचालन कियाआपने ही किया था , बहुत-बहुत बधाई.  आपको भिंड के कवि सम्मलेन के लिए भी बधाई.






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डा. अरविन्द चतुर्वेदीजी आपको बहुत-बहुत बधाई अमेरिका यात्रा के लिए. आपकी यात्रा मंगलमय हो.






आपका गीत बहुत अच्छा लगा.फिर  कर्नल साहब आपको बहुत अच्छी बधाई क्यों न दी जाए. ऐसे बढ़िया गीत लिखते रहिये. नमन.  वापिसी पर कुछ नया ही पाया.







आपकी  नयी  गजल बहुत ही बहतरीन है. बधाई. पालागन.







           जय लोकमंगल






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