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Wednesday, June 1, 2011

श्री भगवान सिंह हंस

आत्म-विवरण-
जन्म --कवियों एवं साहित्यकारों की प्रष्ठभूमि ब्रजमंडल के आँचल में मेरा जन्म गाँव हसनगढ़ जनपद अलीगढ (उ० प्र०) ६ जुलाई १९५४    को कृषक परिवार में हुआ.
शिक्षा-- प्रारंभिक शिक्षा घर पर हुई. तदुपरांत आगरा विश्वविद्यालय से एम० ए० (हिंदी) की उच्च शिक्षा प्राप्त की.
प्रकाशित कृतियाँ- ऊषा खंडकाव्य, भरत चरित्र महाकाव्य और सफर शब्दों का (काव्यसंग्रह)
सम्मान-  बिस्मिल साहित्य सम्मान, साहित्यश्री, साहित्य शिरोमणि दामोदर दस चतुर्वेदी सम्मान और डा० राम गोपाल चतुर्वेदी सम्मान तथा राष्ट्रपति से अभिनंदित.
विशेष - भरत चरित्र महाकाव्य पर विश्वविद्यालयों में कई शोध कराये जा चुके हैं. घरों में लोग इसका नियमित पाठ भी कर रहे हैं. 
सम्प्रति- प्रधान अभिलेख अधिकारी डाक विभाग, दिल्ली.
आवास- एम- ५७, लेन-१४, ब्रह्मपुरी
            दिल्ली- ११००५३
दूरभाष - ९०१३४५६९४९
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