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Saturday, October 1, 2011

टूटकर तुम बिखर जाओगे

नवरात्र पर सभी को नित्यानंद `तुषार`की ओर से शुभ कामनाएं
ग़ज़ल-
दूर मुझसे अगर जाओगे
टूटकर तुम बिखर जाओगे

मुश्किलें हर तरफ़ होतीं हैं
भागकर तुम किधर जाओगे

जिसको चाहो उसी में डूबो
डूबकर तुम उभर जाओगे

मेरी आँखों में आँखें रख दो
एक पल में निखर जाओगे

अच्छे दिन भी `तुषार` आते हैं
तुम भी इक दिन सँवर जाओगे
  - नित्यानंद `तुषार`
मोबाइल +91 9968046643
यश

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