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Saturday, November 12, 2011

घोडा पेशौरी मेरा

पं. सुरेश नीरव
घोडा पेशौरी मेरा


आदरणीय पंडितजी ने घोडा पेशौरी मेरा एक हास्य-व्यंग्य शीर्षक से तेल की उछलती कीमतों पर और चतुर्दिक बाज़ार की गरमाहट एक करारा व्यंग्य किया है. मज़ा आ गया. उन्हीं के शब्दों में देखिए--

 हिंदू, सिख, मुगल, अंग्रेज, फ्रेंच, पुर्तगाली सभी को घोड़ों ने सेक्युलर भाव से तख्तो-ताज तक पहुंचाया है। घोड़ा साथ हो तो आदमी घोड़े बेचकर चैन से सो सकता है। ऐसी भविष्यवाणी है कि भगवान विष्णु का अगला अवतार घोड़े पर सवार कल्कि के रूप में होगा। ताज्जुब नहीं कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से गुस्सायकर कोई सिरफिरा अपनी फिटफिटिया को किक की जगह लात मारकर घोड़े पर सवार होकर अपने को कल्कि घोषित कर दे। हो सकता है कि कल्कि ने अवतार ले भी लिया हो और उसे आज के गधों से निबटने के लिए बस एक अदद पराक्रमी घोड़े का इंतजार हो। घोड़े का इंतजार करना अवतारों की भी मजबूरी है। देखें वह चमत्कारी घोड़ा कब अवतार लेता है।

 इसके लिए माननीय पंडितजी को हार्दिक बधाई देता हूँ और बार- बार उनको नमन करता हूँ.

भगवान सिंह हंस
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