There was an error in this gadget

Search This Blog

Wednesday, February 8, 2012

कविताओं के देश में


                   काव्य-वसुंधरा
अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के राष्ट्रीय महासचिव पंडित सुरेश नीरव ने बताया है कि आगामी 11 फरवरी,सायं5.00 बजे वसुंघरा,गा़ज़ियाबाद में काव्य-वसुंघरा का आयोजन किया जा रहा है और जिसके संयोजन का दायित्व सर्व सम्मति से कविवर अरविंद पथिक को सौंपा गया है। इस कवि सम्मेलन में सर्वश्री बी.एल.गौड़, अरुण सागर, राजमणि,डॉ.श्याम निर्मम,सतपाल,गजेसिंह त्यागी, किशोर श्रीवास्तव, योगेश मिश्र, जयवीर मलिक,रेणु चौहान,अंजू जैन,गजेसिंह त्यागी तथा ऋचा सूद को आमंत्रित किया गया है। समारोह के प्रचार का दायित्व सम्मेलन के राष्टीय प्रचार सचिव रजनीकांत राजू संभालेंगे।   और स्वागत समिति का कार्य ज्ञानेन्द्र चतुर्वेदी और हीरालाल पांडे संभाल रहे हैं।  अधिक और आवश्यक जानकारी के लिए-
  श्रीअरविंद पथिक-4-बी-1048,वसुंधरा,गाज़ियाबाद से मोबाइल- 09312341551 
 पर संपर्क किया जा सकता है।
000000000000000000000000000000000000000000000000000
वसंत काव्य संध्या का हुआ आयोजन
दिल्ली-7 फरवरी, दिन ललित वसंती आन लगे..और ऋतुराज वसंत का कविता से स्वागत करने के लिए राजधानी के चुनिंदा सात कवियों ने किया दिल्ली की ब्रह्मपुरी की पंचायती धर्मशाला में कविता का सारस्वत अनुष्ठान। अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के दिल्ली शाखा के अध्यक्ष श्री भगवान सिंह हंस के संयोजन में आयोजित इस मधुर कविता-संध्या में पी.एन.सिंह,डॉ.कृष्णकांत मधुर,घनश्याम वशिष्ठ,भगवानसिंह हंस,रजनीकांत राजू,मुकेश परमार तथा पंडित सुरेश नीरव ने कविता पाठ किया। पी.एन. सिंह के दोहों और पंडित सुरेश नीरव की हास्य ग़ज़लों ने जहां श्रोताओं में समां बांधा वहीं कृष्णकांत मधुर के ब्रज छंदों तथा घनश्याम वशिष्ठ की रुबाइयों ने श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया। इस अवसर पर सांप्रदायिक सदभाव पर पढ़ी रजनीकांत राजू की कविता को भी श्रोताओं द्वारा खूब सराहा गया।
Post a Comment