There was an error in this gadget

Search This Blog

Sunday, September 2, 2012

ईशनिंदा में फंसाने वाला मौलवी गिरफ्तार

ईसाई लड़की को हिरासत में लिए जाने के मामले के तूल पकड़ने के बाद आखिरकार पाकिस्तान की पुलिस को कार्रवाई करनी ही पड़ी। उस मौलवी को गिरफ्तार कर लिया गया, जिस पर नाबालिग को ईशनिंदा के झूठे मामले में फंसाने का आरोप है। चश्मदीद ने बयान दिया कि मौलवी ने ही ईसाई लड़की के बैग में मुसलिम धर्मग्रंथ के फटे पन्ने रखे थे। आरोपी मौलवी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। लड़की की जमानत पर सुनवाई सोमवार को होगी। इसलामाबाद के पास महरिया जाफर क्षेत्र की जामिया अमीनिया मसजिद के इमाम खालिद चिश्ती को शनिवार रात हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि चश्मदीद हाफिज मोहम्मद जुबैर ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया कि उसने मौलवी को रिमशा मसीह के बैग में कुरान के फटे पन्ने रखते देखा था। बैग में कुछ जले हुए कागज पहले से ही पड़े थे। ऐसे में उम्मीद है कि अब उस मौलवी पर विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत केस चलेगा। उधर, पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के प्रमुख अलामा ताहिर अशरफी ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मामले पर खुद संज्ञान लेते हुए धर्मग्रंथ को अपवित्र करने वाले दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। जुबैर ने मीडिया को बताया कि मैंने मौलवी को ऐसा करने से रोका पर उसने कहा कि ईसाइयों के खिलाफ यह सबूत बनेगा और इस तरीके से उन्हें क्षेत्र से भगाने में मदद मिलेगी। पिछले सप्ताह चिश्ती ने एक साक्षात्कार में कहा था कि आस-पड़ोस के ईसाई अगर अपना प्रेयर बंद नहीं करते हैं तो उन्हें क्षेत्र से बेदखल कर दिया जाएगा क्योंकि ‘पाकिस्तान अल्लाह द्वारा दिया हुआ इसलामिक राष्ट्र है। 16 अगस्त से जेल में है मसीह मामले से बौखलाए कट्टरपंथियों ने 16 अगस्त को पुलिस स्टेशन का घेराव कर रिशमा मसीह को गिरफ्तार करने की मांग की थी। गिरफ्तारी के बाद से देश-विदेश में नाबालिग को रिहा करने की मांग की जा रही है। वह इस समय रावलपिंडी की अदियाला जेल में कैद है। आधिकारिक मेडिकल बोर्ड ने रिशमा की उम्र 14 साल बताई है और उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ करार दिया गया है। सवालों के घेरे में कानून पाकिस्तान का यह विवादास्पद ईशनिंदा कानून एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर अक्सर ईशनिंदा कानून तोड़ने का आरोप लगता है। आरोपी को उम्रकैद या सजा-ए-मौत दिए जाने का प्रावधान है।
Post a Comment