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Thursday, October 18, 2012

अनेक मंगल कामनाएं

जीवेम शरदः शतम..
जिसकी नीर-क्षीर हंस विवेचना का प्रतिदिन अमित विकास हो रहा हो वह असाधारण जिजीविषा का धनी होता है। चिरंजीव अमित विकास अपने जीवन के उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त करें और समाज में एक उदाहरण बनकर पूरे सौ वर्षों तक जिएं..
आज जन्मदिन पर मेरी अनेक मंगल कामनाएं
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