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Sunday, January 23, 2011

श्रीवक्तृत्व क्षमता ने धूम मचाई है


आज का चिट्ठा

२३ जनवरी,2011

दो दिन अस्वस्थता वश अस्त-व्यस्त दशा में बीते| चलिए देर से ही सही पं. सुरेश नीरव को मिस्र-यात्रा की ऐतिहसिक सफलता हेतु हार्दिक बधाई| भारतीय राजदूत द्वारा वहाँ उनका विशेष तौर पर सम्मान किया जाना जहां एक उल्लेखनीय घटना है वही उनकी वक्तृत्व तृत्व क्षमता ने जो धूम मचाई है, वह श्लाघनीय है| उन्हें पुन: अनेकश: बधाईयां| श्री विश्वमोहन तिवारीजी के प्रश्न, विचार-मंथन को प्रेरित कर सार-नवनीत ग्रहण करने का उपाधान हैं| योगी जी अपने लेखों में लीक से हटकर कुछ क्रांतिकारी सन्देश देने की प्रशंसनीय चेष्टा करते हैं|

डॉक्टर नागेश पांडेयजी का गीत भावपूर्ण एवं हृदय स्पर्शी है, बधाई! अरविन्द पथिक की प्रस्तुति भी श्लाघनीय है|

श्री बीएल गौड़ साहब के युवा भतीजे के आकस्मिक निधन का समाचार हृदय विदारक है| मेरी सम्पूर्ण चेतना संवेदनामय हो गई है| ईश्वर उन्हें व उनके परिवार को यह दारुण-दु:ख सहने की सामर्थ्य दे|

योगीजी, आपसे फोन पर बातें होंगी| मेरी खिन्नता को आप समझ नहीं पाए| मैं इस पर भी खिन्न हूँ|

ब्लॉग पर * श्री भगवानसिंह हंसजी की नियमित उपस्थिति सुखद है|

अभिषेक मानव भी अपनी चुटीली अभिव्यक्तियों से ब्लॉग पर सक्रिय हैं, देखकर अच्छा लगा |

डॉ. मधु चतुर्वेदी
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