यह मंच आपका है आप ही इसकी गरिमा को बनाएंगे। किसी भी विवाद के जिम्मेदार भी आप होंगे, हम नहीं। बहरहाल विवाद की नौबत आने ही न दैं। अपने विचारों को ईमानदारी से आप अपने अपनों तक पहुंचाए और मस्त हो जाएं हमारी यही मंगल कामनाएं...
Search This Blog
Showing posts with label स्वागतम. Show all posts
Showing posts with label स्वागतम. Show all posts
Monday, January 24, 2011
Sunday, December 19, 2010
गौड़ साहब को कौन नहीं जानता।
बडे़ हर्ष से यह समाचार पढ़ रहा हूं कि माननीय श्री बी.एल.गौड़ साहब जय लोकमंगल के सम्मानित सदस्य बन गए हैं। गौड़ साहब को कौन नहीं जानता। उनका व्यक्तित्व है ही ऐसा। सहज,सरल और गंभीर..पढ़ा था कभी कि फलदार वृक्ष हमेशा झुका रहता है। श्री बी.एल.गौड़ साहब को देखकर लगा कि यह कहावत कितनी सही और सटीक है। पंडितजी आप हमेशा अच्छे काम करते हैं। फिर एक अच्छा काम कर दिया। आप वीरवता के सुरेश हैं। मेरे प्रणाम,पालागन..
भगवानसिंह हंस
भगवानसिंह हंस
मनोकामना आपके जरिए पूरी जरूर होती रहेगी
श्री बी.एल गौड़,
श्रीमानजी आपका जयलोक मंगल में हार्दिक स्वागत है। आप ब्लॉग पर लिखते रहें और दिखते रहें.हमारी ईश्वर से यही कामना है,विश्वास है कि यह मनोकामना आपके जरिए पूरी जरूर होती रहेगी..
हीरा लाल पांडेय
रचना कोष बढ़ा
डॉक्टर प्रेमलता नीलम,दमोह,मध्यप्रदेश
जयलोकमंगल में ग्रीनरी
आदरणीय पंडित सुरेश नीरवजी,आज जयलोकमंगल में एक नई हरियाली छाई है। यह हरियाली बाया गौड़ ग्रीन आई है।
बधाई है..बधाई है..
श्री बी.एल गौड़ साहब को अपने बीच पाकर हम अभिभूत हैं। उनसे एक गुजारिश भी करना चाहूंगा कि जयलोक मंगल को कृपया अपनी रचनाओं का रसास्वादन भी जरूर कराएं. और जल्दी-जल्दी कराएं.शुभकामनाएं..
मुकेश परमार,संपादकःमानव जागृति
बी.एल गौड़ बने नए सदस्य
गौड़ साहब का हार्दिक स्वागत
जयलोकमंगल परिवार में आज एक और नए सदस्य का इजाफा हुआ है। और ये सम्मानित सदस्य हैं हमारे जाने-पहचाने समाजसेवी,उद्योगपति और विख्यात साहित्यकार श्री बीएल गौड़। इंजीनियरिंग विज्ञान के छात्र रहे गौड़ टाइम्स के मुख्य संपादक श्री बी.एल. गौड़ पिछले डेढ़ दशक से साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हुए हैं और इस अवधि में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों का सृजन किया है। आकाशवाणी और दूरदर्शन पर आप अनेक बार काव्यपाठ कर चुके हैं तथा अनेक साहित्यिक विदेश यात्राएं आपके रचनात्मक खाते में दर्ज हैं। ब्रज भाषा के छंदों से लेकर गीत,ग़ज़ल और छंद मुक्त कविताओं में अपनी लेखनी चलानेवाले सिद्ध रचनाकार संप्रति अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समिति के उपाध्यक्ष भी हैं। हम जयलोकमंगल परिवार की ओर से आपका हार्दिक स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे समय-समय पर अपनी बहुमूल्य रचनाओं से हमारे ब्लॉग की गरिमा में श्रीवृद्धि अवश्य करते रहेंगे।पंडित सुरेश नीरव
Saturday, November 6, 2010
अशोक शर्मा बने जयलोकमंगल के नए सदस्य
हास्यकवि अशोक शर्मा बने जयलोकमंगल के नए सदस्य।
काव्यमंच के लोकप्रियकवि ,हाथरस निवासी अशोक शर्मा पिछले पच्चीस साल से कविसम्मेलनों में आग्रहपूर्वक सुने जानेवाले कवि हैं। इनकी लोकप्रिय कविता बफे का डिनर इनकी सिग्नेचर ट्यून है। पोटो में भी ये बुपे का डिनर उड़ा रहे हैं.ये बात और है कि ये बुफे डिनर उड़ाते रह गए और कोई इनकी कविता को ही ले उड़ा। ये हादयों का शहर है,भैया।खैर हम उनका स्वागत करते हैं,अपने ब्लाग में।---------------------------------------------------------------------------------------------
Friday, October 29, 2010
नए सदस्य का स्वागत
मंजू श्रषि
जयलोकमंगल के परिवार में एक और नए सदस्य का इजाफा हुआ है,ये हैं- मंजू श्रषि। भरत सरकार के उद्योग मंत्राय में कार्यरत मंजू एक संवेदनशील कवयित्री हैं और जीवन के तमाम रंगों को शब्दों में ढालकर कविता में पिरोने का हुनर इन्हें बखूबी हासिल है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इनकी रचनाएं सम्मानपूर्वक प्रकाशित होती रहती हैं और शीघ्र ही इनका एक काव्य संग्रह पाठकों के बीच आनेवाला है,इंतजार कीजिए और नए सदस्य के रूप में इनका हार्दिक स्वागत भी कीजिए।स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम
Subscribe to:
Posts (Atom)






