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Saturday, February 11, 2012

लेखनी के धनी : अरविन्द पथिक

 शुभकामना - डा. नागेश पांडेय 'संजय' 

अच्छा जी, तो आप भी अब हो गए चालीस के. 
मगर इसको  कह रहे क्यों दाँत अपने पीस के ?
जो किया, जब भी किया, निश्छल-सहज होकर किया,
इसलिए तो ज़माने में जी,  शान से हो जी सके.
मित्र हो मेरे पुराने,  याद याराने सभी;
याद है संघर्ष भी, जब आप थे इक्कीस के.
कौन कहता जगत में कुछ प्राप्त कर पाए नहीं, 
लेखनी के धनी हो जी, सन्निकट वागीश के. 
जियो सौ-सौ साल जग में नित्य नूतन पथ गढ़ो,
ह्रदय नभ को छू न पाएँ भाव साथी टीस के.

(पथिक जी की एक कविता के प्रत्युत्तर में लिखी गयी शुभकामना कविता )
डा.नागेश पांडेय 'संजय'

Saturday, March 19, 2011

हीरालाल पांडेय की शुभकामनाएं

सभी ब्लॉगर बंधुओं को होली की अनेक शुभकामनाएं
हीरालाल पांडेय

Thursday, March 3, 2011

आरोग्य की कामनाएं

आज प्रशांत योगीजी की पोस्ट से डॉक्टर मधु चतुर्वेदी की अस्वस्थ्यता का समाचार पढ़ा। वह जल्दी आरोग्यलाभ करें हमारी प्रभु से यही प्रार्थना है।
हीरालाल पांडेय

Sunday, February 27, 2011

रिंद साहब को दिली मुबारकबाद

आज ब्लॉग पर जनाब रिंद सागरी को अमीर खुसरो अवार्ड मिलने का समाचार पढ़ा मन प्रसन्न हो गया। मैं उनकी रचनाओं को पढ़ता रहा हूं। और उनका मुरीद हूं। वे मेरे हमउम्र हैं। और अच्छी बात यह है कि मेरी तरह वो भी इस उम्र में चुस्त-दुरुस्त हैं। वे खूब लिखते रहें और अदब की मेहफिल में चमकते रहे मेरी यही ईश्वर से कामना है।
रिंद साहब को दिली मुबारकबाद
जगदीश परमार,ग्वालियर

Friday, February 4, 2011

संतों और प्रभु की कृपा बनी रहे.

 आदरणीय श्री प्रशांत योगीजी, 
आपकी बधाई के लिए मैं  हृदय से आपका आभारी हूं। आप-जैसे सि़द्ध पुरुषों की शुभकामनाओं का ही फल-सुफल है कि जीवन में यश और सम्मान मिल जाता है वरना आज के भ्रष्टाचारी दौर में कौन किसको पूछ रहा है। और हमारे-जैसे स्वाभिमानी आदमी के लिए तो यह सब और भी कठिन है। संतों और प्रभु की कृपा बनी रहे..
पंडित सुरेश नीरव

Tuesday, January 25, 2011

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं .

लोकमंगल परिवार के सभी सदस्यों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें। आज के ही दिन रावी के तट पर पंडित जवाहरलाल नेहरु ने तिरंगा लहराकर पूर्ण स्वतंत्रता का संकल्प लिया था और आज के ही दिन नेताजी सुभाष चन्द्र बोसे ने कलकत्ते के मेयर की हैसियत से घुलामी के प्रतीक विक्टोरिया मेमोरिअल को तोड़ दिया था। हम भ्रष्टाचार के दानव का वद्ध करने का संकल्प लें ।
यही गणतंत्र दिवस की सार्थकता होगी । जय हिंद ।
आपका
अभिषेक मानव

Monday, January 24, 2011

कोशिश करूंगा कि समय निकालकर नियमित लिखता रहूं।

आदरणीय नीरवजी 
आपकी इजिप्त यात्रा के,बनारस यात्रा के समाचार बड़े चाव से पढ़ता रहा मगर ब्लॉग पर लिख नहीं सका कारण  विगत दिनों चुनावी सरगर्मियों में व्यस्त  रहा। अब फुर्सत मिल गई है।कोशिश करूंगा कि समय निकालकर नियमित लिखता रहूं। इस बीच बीएल गौड़ साहब की उपस्थिति ने ब्ल़ॉग के महत्व को बढ़ा दिया है। श्री विश्वमोहन तिवारीजी भी खूब लिख रहे हैं। मंजु श्रषि की रचनाएं और प्रशांत योगीजी के लेख काफी रोचक और ज्ञानवर्धक हैं। आप सभी जयलोकमंगल के सदस्यों को गणतंत्रदिवस की शुभकामनाएं..
रजनीकांत राजू

Saturday, November 27, 2010

भीतर के आलोक से आलोकित हों


श्री प्रशांत योगीजी
आप आत्मा के दिव्यप्रकाश से आलोकित हों और समाज को भी आलोकित करें। तथागत बुद्ध के शब्दों में..
अप्प दीपोभव..
जन्मदीन की ढेरों शुभकामनाएं..
डाक्टर प्रेम लता नीलम

happy birthday?

“Well, birthdays are merely symbolic of how another year has gone by and how little we've grown. No matter how desperate we are that someday a better self will emerge, with each flicker of the candles on the cake, we know it's not”

“to be, that for the rest of our sad, wretched pathetic lives, this is who we areto the bitter end. Inevitably, irrevocably; happy birthday? No such thing.”
आदरणीय प्रशांत योगीजी सालगिरह मुबारक..
तुम जियो हजारों साल
मुकेश परमार

Friday, November 5, 2010

दीपावली की शुभकामनाएं

जयलोकमंगल के सभी साथियों को दीपावली के शुभ अवसर पर अनेक शुभकामनाएं। पिछले दिनों कुछ ज्यादी ही अस्वस्थ्य हो गया था, आप सभी की दुआओं से वापस लौट आया हूं..दीवाली मनाने के लिए। राष्ट्रीय प्रसारण के लिए श्री अरविंद पथिक ने मेरा लंबा साक्षात्कार लिया,उन्हें भी मैं अपने आभार व्यक्त करता हूं।  पंडित सुरेश नीरव और जयलोकमंगल परिवार के सभी सदस्यों के लिए मेरी शुभेच्छाएं..
विपिन चतुर्वेदी

Saturday, October 9, 2010

कोई यू ही बेबफा नहीं होता


राजमणिजी हमारी कुछ मजबूरियां हैं
राजमणिजी आज ब्लाग पर आपकी प्रदर्शनी का समाचार पढ़ा। भगवानसिंह हंस ने उसकी रिपोर्ट भी पोस्ट की। हंसजी ने यह प्रशंसनीय कार्य किया है. मगर हम दिल्ली में नहीं रहते और आजकल कुछ व्यस्तताओंरमशरूफियतों के कारण आपकी प्रद्शनी देखने का सौभाग्य प्राप्र नहीं कर पायी मगर मेरी शुभकामनाएं हमेशा आपके साथ हैं।

पंडित सुरेश नीरवजी

आपका व्यंग्य बहुत ही मार्मिक और धारदार है। उन्होंने हमारी हीन मानसिकता पर बहुत ही तेजाबी प्रहार किया है और लालफीताशाही को भी बेनकाब किया है।

श्री भगवानसिंह हंस जी

आपके भरत चरित का पूरा आनंद लिया जा रहा है।
यह एक अनूठा महाकाव्य है। भाषा की दृष्टि से भी और कथ्य की दृष्टि से भी।

सभी सदस्यों को नवरात्रे की शुभकामनाएं..

डाक्टर मधु चतुर्वेदी

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Thursday, October 16, 2008

करवाचौथ की हार्दिक बधाई




सभी सुहागों को करवाचौथ की हार्दिक बधाई
समझ गये न ये शुभकामना किसने भिजवाई
तमाम बहनों का नियर एंड डियर भाई
रहन-सहन में सिंपल थिंकिंग में हाई
यानी

पं. सुरेश नीरव