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Sunday, January 29, 2012

रामनारायण त्रिपाठी 'पर्यटक' जी नहीं रहे

एक दुखद समाचार मिला है.
 आज दोपहर रामनारायण त्रिपाठी 'पर्यटक' जी नहीं रहे. 
बहुत मर्माहत हूँ.


नियमित संयमित दिनचर्या के अभ्यासी पर्यटक जी को बोन कैंसर था। उपचार हेतु हरिद्वार गए थे। हालत ज्यादा बिगड़ी तो उन्हें हेलीकाप्टर से लखनऊ लाया जा रहा था। आक्सीजन कमी से रास्ते में ही वे अचेत और कदाचित् निष्प्राण हो गए।
निसंदेह 'पर्यटक' जी का अनायास चले जाना विचलित कर गया. बाल साहित्य के लिए पूरे मन से समर्पित थे. कई साल  पहले 'राष्ट्रधर्म' में उन्होंने मेरे संयोजन में एक स्तम्भ " बाल साहित्य मनीषी" प्रारंभ किया था. इस बहाने हिंदी के वरिष्ठ बाल साहित्यकारों पर नियमित रूप से कई आलेख प्रकाशित हो सके थे. 
गत वर्ष उनके प्रयासों से  जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर में बाल साहित्य पर संगोष्ठी हुई थी. मैं उनके साथ ही लखनऊ से गया था.क्या पता था,  वह अंतिम सहयात्रा होगी.   


ग्वालियर में अंतिम भेंट का एक चित्र 
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उतते कोउ न आवही,
जासे पूंछू धाय,
इतते ही सब जात हैं,
भार लदाय-लदाय.

- कबीर
अभी कुछ और लिखने की स्थिति में नहीं...

Saturday, January 21, 2012

निरंकारदेव सेवक जी की याद में समारोह

मंच पर पूनम सेवक, इन्द्रदेव त्रिवेदी, हरी ओम अनजान,रमेश विकट, किशन सरोज और डा. नागेश पांडेय 'संजय'
बरेली / 
१९ जनवरी को स्वर्गीय निरंकारदेव सेवक जी के  जन्म दिन के अवसर पर रोटरी क्लब में एक भव्य आयोजन किया गया. सेवक जी हिंदी  महान बाल साहित्यकार एवं समीक्षक थे.  आजन्म बाल साहित्य सेवा में लगे रहे. १९६६ में उन्होंने तब 'बाल गीत साहित्य' नाम से एक समीक्षा ग्रन्थ लिखा , जब इस क्षेत्र में समीक्षात्मक पुस्तकें थीं हीं नहीं. उनकी रचनाएँ  आज भी नयी और कालजयी हैं. 
इस अवसर बाल कविता प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, पुरस्कृत बच्चों को ५००/-, ३००/- और २००/- रूपये की धनराशि के अतिरिक्त बाल साहित्य की पुस्तकें और सभी बच्चों को प्रमाण पत्र दिए गए. बच्चों में साहित्यिक अभिरुचि जाग्रत करने का यह सफल प्रयोग था. 
समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात गीतकार किशन सरोज ने सफल समाज हेतु बाल साहित्य के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता जताई. 
पूर्व विधान परिषद् सदस्य रमेश विकट, साहित्यकार डा. अवनीश यादव, कवि हरी ओम अनजान, बाल साहित्य पर शोध कर रहे ऋषि कपूर , तितली के संपादक फहीम करार, भारतीय पत्रकारिता संस्थान के सुरेन्द्र बीनू सिन्हा और सेवक जी की पुत्र वधु पूनम सेवक सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने इस आयोजन की शोभा बढ़ाई. 
इन्द्रदेव त्रिवेदी के सफल संचालन में संपन्न इस समारोह की अध्यक्षता बाल साहित्यकार डा. नागेश पांडेय 'संजय' ने की . 

Monday, December 5, 2011

डा. सत्य प्रकाश मिश्र की पुस्तक 'तमसो माँ ज्योतिर्गमय' का लोकार्पण


शाहजहांपुर के सक्रिय रचनाधर्मी डा. सत्य प्रकाश मिश्र की नयी पुस्तक 'तमसो माँ ज्योतिर्गमय' का लोकार्पण सरस्वती शिशु मंदिर सिंजई में धूमधाम से संपन्न हुआ. 
वक्ताओं ने कहा कि यह कृति संस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में एक अभिनव दस्तावेज है. इसका सर्वत्र स्वागत होगा. 
विमोचन आर्य महिला कालेज की प्राचार्या डा. रानी त्रिपाठी ने किया . 
मुख्य अतिथि थे नगर विधायक एवं पूर्व नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना. 
मुख्य वक्ता थे डा. नागेश पांडेय 'संजय'. 
संचालन कवि अरविन्द मिश्र ने किया. 
शिक्षाविद केशव चन्द्र मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न इस समारोह में नगर के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. 

Sunday, May 22, 2011

राजीव गांधी स्मृति संध्या एवं राजीव गांधी के सपनों का भारत


 पुस्तकःराजीव गांधी स्मृति संध्या एवं राजीव गांधी के सपनों का भारत
(लेखकः जगदीश पीयूष)
का लोकार्पण
सोमवार,23 मई,2011
स्थानः तीनमूर्तिभवन,नई दिल्ली
संचालनः (विख्यात कवि एवं पत्रकार) पंडित सुरेश नीरव
कार्यक्रम की रूपरेखा  संगीत गुरु पं. रामचंद्र मिश्र द्वारा भारत रत्न स्व. राजीव गांधी को समर्पित संगीतबद्ध काव्यांजलि.
लोकार्पणः श्रीमती अंबिका सोनी (केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री,भारत सरकार)
अध्यक्षः श्री मोतीलाल वोरा (महासचिव एवं कोषाध्यक्षःअ.भा. का. कमेटी,प्रखर चिंतक-पत्रकार)
प्रवक्ताः श्री मणिशंकर अय्यर, राजीव शुक्ला, जगदीश टायटलर, सत्यव्रत चतुर्वेदी,हरीश रावत, डॉ.रत्नाकर पांडेय, डॉ. गिरिजा व्यास , प्रदीप जैन ( केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री)
 डॉ. संजय सिंह, टॉम वडक्कन,राहुल देव,सैयद सिब्ते रजी,सुरेन्द्र शर्मा,जय प्रकाश अग्रवाल (संसद सदस्य),रवीन्द्र कालिया, प्रभा ठाकुर और नसीब पठान
 आभार प्रदर्शनःडायमंड बुक्स के निदेशक श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा)

Saturday, March 26, 2011

दूरदर्शन के डीडीभारती पर आज रात्रि 10 बजे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन


दूरदर्शन के डीडीभारती पर आज रात्रि 10 बजे दिन ललित बसंती आन लगे नाम से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन प्रसारित किया जा रहा है। पंडित सुरेश नीरव के संचालन में प्रसारित हो रहे इस कवि सम्मेलन में डॉ.कुंअर बेचैन, मुजफ्फर रजमी,काज़ी तनवीर, प्रेमलता नीलम,मधु चतुर्वेदी,अंबरप्रियदर्शी,अनिल खंपरिया,सुरेश नीरव और बीएल गौड़ कविता पाठ करेंगे।

Wednesday, March 23, 2011

शहीद भगत सिंह ,राजरुरू सुखदेव को हमारा शत -शत नमन


 संदर्भः शहीदी बलिदान दिवस-
 सैंकड़ों कुर्बानियां देकर ये नैमत पायी है..
आज शहीदे आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू के बलिदान का ऐतिहासिक दिन है। इन नौजवानों ने फांसी पर लटक कर आज के ही दिन यानी कि 23 मार्च को ब्रितानिया सरकार को ललकारा था और खुद अपने लहू को जलाकर आजादी की मशाल को रोशन किया था। ये वो नौजवान थे जो 23-24 साल के थे सिर्फ..23-24 साल के। आज इस उम्र के लड़के अपनी गर्लफ्रेंडों को एसएमएस करते और डेटिंग के लिए एक अदद सुरक्षित अंधेरा कोना खोजने में ही खर्च हो रहे हैं। आज देश की अस्मिता से ज्यादा बड़ा सवाल है आरक्षण का। जिन्हें आरक्षण चाहिए उनके हाथों में मशालें हैं सरकारी बसों को जलाने के लिए। रेल की पटरियों पर बैठकर कोरस में नारे लगाने के लिए। जिनको आरक्षण नहीं मिल सकता उनके हाथों में बंदूके हैं, अपना हक मांगने के लिए। उनके दिमागों में बारूदी सुरंगें हैं,सेना के जवानों को उड़ाने के लिए। जो दलित है वह सवर्णों से सदियों के हिसाब चुकाने को आमादा है। सदियों की दुश्मनी आज आमने-सामने हैं। हिंदी जो कभी राष्ट्रभाषा बन के उभरी थी आज बोलियों की टोलियों में घिरकर लहु-लुहान है। और कुछ दलाल हिंदी के नाम पर सरकारी मेहरबानियों के बूते अपने बीवी-बच्चों सहित विदेशों में पिकनिक मना रहे हैं। और सरकारी दुकानों के मुनीम बनकर अपना और अपनी चंडाल चौकड़ी को नाजायज लाभ देकर अपने बेशर्म-पराक्रम को परोपकार सिद्ध करने में लगे हुए हैं। भ्रष्ट तंत्र में भरपेट माल उड़ाकर ये केंचुए अब शेषनाग बन रहे हैं। गधे पंजीरी खा रहे हैं। मैं सोचता हूं कि अगर आज हमारे ये शहीद जिंदा होते तो उन पर क्या गुजरती। और-तो-और कुछ दुकानदार किस्म के लोग इन शहीदों के नाम पर पशुमेला लगाकर कुछ लतीफेबाजों और और कुछ बड़बोले कवियों को बुलाकर नौटंकी आयोजित करके अपनी जेब भी भर लेते हैं। जिन मुखबिरों के इन शहीदों के खून से हाथ सने हुए हैं उनकी औलादें इन शहीदों के नाम पर होनेवाली नौटंकियों में मुख्य अतिथि की हैसियत में होती हैं। मगर कुछ लोग हैं ऐसे भी हैं, जो इस चौतरफा दुर्दशा को देखकर अपनी आंखों के गंगा जल से अपने शहीदों का तर्पण-श्राद्ध भी करते हैं। मैं भी शायद उन्हीं में से कोई एक हूं। दावा नहीं करता। सिर्फ ऐसा सोचताभर हूं..क्योंकि मुझे कोई दुकान नहीं चलानी। देश के अमर शहीदों के अप्रतिम बलिदान को मेरे कोटिशः नमन..
इंकलाब..जिंदाबाद..
पंडित सुरेश नीरव
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और भी गम है ज़माने में शहीदों के सिवा
जिन्हें कुछ नहीं करना होता है उनके अपंग तर्क ही बहाने कहलाते हैं। गर्मी में गर्मी का कहर,सर्दी में शीत का प्रकोप,बारिश में  बरसात की अराजकता। फिर घर में तमाम झंझटे। बच्चे की कॉपी पेंसिल से लेकर बीबी की शॉपिग तक। समय कहां हैं,इन कर्मयोगियों के पास। शहीदों को याद करना तो फुर्सतियों के दिमाग की खलल है। ईश्वर इन्हें माफ करना ये नहीं जानते कि ये क्या गुनाह कर रहे हैं।
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ग़ज़रौला में कवि सम्मेलन
अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में 24 मार्च की सायं एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन गजरौला में किया जा रहा है। आयोजन की संयोजक डॉक्टर मधु चतुर्वेदी के अनुसार समारोह का उदघाटन उ.प्र. के मंत्री डॉ.यशवंत सिंह तथा संचालन हिंदी के प्रख्यात कवि पं. सुरेश नीरव करेंगे। इस अवसर पर सुरेश नीरव की पुस्तक उत्तर प्रश्नोपनिषद का लोकार्पण भी किया जाएगा। कवि सम्मेलन में डॉ.कुंअर बेचैन,वसीम वरेलवी, सुरेन्द्र शर्मा,पुरुषोत्तम नारायण सिंह, अरविंद पथिक और रजनीकांत राजू सहित अनेक कवि रचना पाठ करेंगे। जयलोकमंगल की शुभकामनाएं...।

Monday, March 21, 2011

चौबौं की होली


 चौबौं की होली
पालागन..
ग्वालियर से होरी में हुरियाए चौबों की तस्वीरें भेजी हैं, जयलोक मंगल के सदस्य सुधीर चतुर्वेदी ने। जहां भंग की तरंग में चौवों ने बुक्काफाड़ ठहाके लगाए वहीं कुछ चौबे जनाने लिबास में भी नजर आए..श्री मेवाराम चतुर्वेदी ने धरा है जनाने का रूप

Wednesday, March 16, 2011

अखिल भारतीय साहित्य परिषद्

साहित्य परिक्रमा हमारी अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की पत्रिका है जो त्रेमासिक है| उसमें सीमित पृष्ठ होने के कारण सभी लेखकों और साहित्यकारों कवियों गीतकारों समालोचकों समीक्षकों की रचनाओं और पत्रों सुझावों और साहित्यिक समाचारों को स्थान नहीं दे पाते थे |
इस को आप मंच ,पत्रिका भी मान सकते है | आप जो भी लिखेंगे वो पत्रिका के लिये भी चयनित हो सकता है और हमारे टी.वी. कार्यक्रम सतमोला कवियों की चौपाल के लिये भी चयनित हो सकता है जो की साधना टी.वी. पर प्रसारित होता है|इस समूह का संचालन मैं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् के निर्देशन में और संस्था के संगठन मंत्री श्रीधर पराडकर जी की आज्ञा से गठन कर रहा हूँ | इसमें मेरे वरिष्ठ सहयोगी रहेंगे श्री अनिल कुमार मित्तल (एम.डी.,सतमोला)और श्री राकेश गुप्ता (एम.डी. साधना टी.वी.) और संपादन की दृष्टि से परम पूजनीया दीदी साध्वी चिदर्पिता रहेंगी|अत: यह समूह मात्र नहीं है बल्कि साहित्यिक मंच है यहाँ पर वही खड़ा होगा जो की इस पात्रता को पूर्ण करता हो :-
१)भारतीयता को समर्पित
२)केवल भारतीय भाषाओं से प्रेम करता हों
३)विदेशी भाषा का प्रयोग केवल विषम परिस्थितियों में ही करता हो
४) जिसमें भारतीय संस्कृति रची बसी हो
५)और शालीन व्यक्तित्व का स्वामी हो
६)अश्लीलता ,अभद्रता सर्वथा वर्जित है
७) इस समूह में विज्ञापन भी वजित है
वही साहित्यकार अथवा साहित्य प्रेमी इस मंच का सदस्य हो सकता है|

प्रवीण आर्य
०९९७१३८६९३०

Thursday, March 10, 2011

दिन ललित वसंती आन लगे


जयलोकमंगल के साथियों के लिए प्रस्तुत है-एक बिल्कुल ताज़ा रचना-दिन ललित वसंती आन लगे
खेतन में सरसों फूल रही
बौरें अमियां की झूल रहीं
मीठी पुरवा की तान लगे
मौसम संग उड़ने प्राण लगे
दिन ललित वसंती आन लगे
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लाल पलाश गुलाल लगे
फूलन के अंग विशाल लगे
अल्हड़ गोरी की चाल लगे
धुली धूप-धूप मुस्कान लगे
दिन ललित वसंती आन लगे
पंडित सुरेश नीरव
सांस्कृतिक समाचार
दूरदर्शन पर दिन ललित वसंती आन लगे
ई दिल्ली- दूरदर्शन के डी.डी. भारती चैनल के अंतर्गत वसंत और होली के पावन अवसर पर एक गंगा-जमुनी काव्य-संध्या का आयोजन कल 12 मार्च को रिकार्ड किया जा रहा है। इस स्टूडियो रिकार्डिंग में जो कवि भाग ले रहे हैं- उनमें जनाब मुजफ्फर रज्मी, जगदीश परमार, डॉ.कुंअर बेचैन,काज़ी तनवीर,अनिल खंपरिया, डॉ मधु चतुर्वेदी, अंबर प्रियदर्शी, डॉ.प्रेमलता नीलम तथा बी.एल.गौड़ के अलावा पंडित सुरेश नीरव काव्य पाठ करेंगे। दूरदर्शन के सहायक निदेशक श्री पी.एन. सिंह के निर्देशन में रिकॉर्ड किये जा रहे इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का संचालन सुरेश नीरव कर रहे हैं।

सुधीर चतुरवेदीजी...

सुधीर चतुर्वेदीजी,
पालागन। 
आपने ग्वालियर मध्यभारतीय हिंदी साहित्य सभा में आयोजित राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी के फोटो भेजे हैं। धन्यवाद। इसकी रपट भी यदि भिजवा सकें तो अच्छा रहेगा। साथ ही अपना भी कोई बेहतरीन फोटो बेजें तो अच्छा रहेगा। सहयोग के लिए धन्यवाद..
पंडित सुरेश नीरव

Wednesday, February 2, 2011

पंडित सुरेश नीरव को मिली ब्रह्मर्षि की उपाधि

रात के टुकड़ों पे पलना छोड़ दे
शम्अ से कहना के जलना छोड़ दे
मुश्किलें तो हर सफ़र का हुस्न हैं,
कैसे कोई राह चलना छोड़ दे.।
वसीम बरेलवी
मै हूँ प्यासा पथिक तुम मेरी प्यास हो
मै हृदयरूप हूँ तुम मेरी श्वांस हो
कौन कहता है हममे है दूरियां
हर घडी हर पल तुम मेरे पास हो I 
वेदप्रकाश
 वाराणसी में मिली 
पंडित सुरेश नीरव को 
ब्रह्मर्षि की उपाधि
काव्य अभ्यर्चना समारोह  का विशेष
अनुष्ठान..
लेखनी को मिली एक अप्रतिम पहचान
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ग्वालियर में बही काव्य-गंगा
पंडित सुरेश नीरव के संग 
जगदीश परमार और मधूलिका सिंह ने जमाया कविता का रंग 
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Saturday, January 1, 2011

Stay away from Mommy when she's drunk.

 नए साल पर एक नीति कथा के साथ मैं आप सभी को  मुबारकवाद देता हूं.
''Yes ma'am. My daddy told me a story about my Mommy. She was a Marine pilot in Desert Storm, and her plane got hit. She had to bail out over enemy territory, and all she had was a flask of whiskey, a pistol, and a survival knife. She drank the whiskey on the way down so the bottle wouldn't break, and then her parachute landed her right in the middle of 20 Iraqi troops.

She shot 15 of them with the pistol, until she ran out of bullets, killed four more with the knife, till the blade broke, and then she killed the last Iraqi with her bare hands.

''Good Heavens,' said the horrified teacher. 'What did your Daddy tell you was the moral to this horrible story?

"Stay away from Mommy when she's drunk.

डॉ अनिल कुलश्रेष्ठ

Friday, December 31, 2010

मंत्रों से भीगा नया साल


सांस्कृतिक समाचार-
राजनीति के माथे पर श्री नीरव ने
लगा
या कविता का चंदन

राष्ट्रीय जन परिषद ने नए साल के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश के कटनी शहर में एक सरस कविसम्मेलन का आयोजन किया,जिसमें हिंदी के अनेक कवियों ने कवितापाठ किया। मगर आयोजन को सात्विक ऊंचाइयां प्रदान कीं पंडित सुरेश नीरव ने। पर्यावरण से लेकर अध्यात्म तक हर मुख्तलिफ रंग को कविता में ढालकर जब नीरवजी ने रचना पाठ किया तो पता ही नहीं चला कि समय कहां निकल गया। शुरु से अंत तक श्रोता भावविभोर हुए इस काव्य की फुहार में मुसलसल भीगते रहे। उल्लेखनीय यह है कि शब्द और राजनीति में उन्होंने अपने संचालन में जो वक्तव्य दिया उसे सुनकर उपस्थित विधायक श्री जयराम पोद्दार और पूर्व विधायक तथा दैनिक मध्यदेश के संपादक चंद्र दर्शन गौर ने कहा कि पंडित सुरेश नीरव की वाणी ने आज राजनीति के तपते माथे पर कविता का शीतल चंदन लगाकर एक महती कार्य किया है। और कविता तथा राजनीति के बीच एक सार्थक संवाद की शुरूआत की है। स्वतंत्रता सेनानी जगदीश परमार ने अपनी ओजस्वी रचनाओं से वातावरण को एक नया रंग दिया। कमलेश राजहंस और रचना तिवारी ने भी इस मौके पर कविताएं पढ़ीं। प्रसिद्ध व्यंग्य कवि प्रकाश प्रलय के ऐतिहासिक संयोजन में हुआ यह कविसम्मेलन एक यादगार कवि सम्मेलन बन गया है ऐसा संस्थान के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव का कहना है।
प्रस्तुतिः ओमप्रकाश

Wednesday, December 22, 2010

य़थार्थमेडीटेशन मे बहेगी कविता की धारा


23 दिसंबर2010
आज सायंकाल पंडित सुरेश नीरव और मैं धर्मशाला के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। वहां श्री प्रशांत योगीजी के यथार्थ मेडीटेशन सेंटर में हमलोगों का कविता पाठ होगा। और होगा तीर्थयात्रामयी भ्रमण।
डॉक्टर मधु चतुर्वेदी

Wednesday, December 15, 2010

मनन चतुर्वेदी अभिनेता जॉन इब्राहिम के साथ

                बधाई-
  मनन चतुर्वेदी फिल्म अभिनेता जॉन इब्राहिम के साथ
मुंबई- जयलोक मंगल के सदस्य मनन चतुर्वेदी इन गिनों देश में लॉंच होने जा रही एक बेशकीमती बाइक के लॉंग ट्रायल पर दिल्ली से मुंबई यात्रा पर हैं। यहां मनन चतुर्वेदी ने अभिनेता जॉन इब्राहिम के साथ इस  भविष्य की बाइक की खासियतों पर चर्चा की।

Tuesday, April 7, 2009

अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन

नीरव जी से आज समाचार मिला कि उनके नेतृत्व मे अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन मे भाग लेने के लिए एक पृतिनिधिममडल २९ मई को जा रहा है।अभी ये बातचीत चल ही रही थी कि अरविंद पथिक अपनी आदत के अनिसार एकाएक पृकट हुए और घोषणा के अंदाज मेम सूचना दी कि टिकट भी कनफर्म हो गये।बडा तेज चैनल है भाई लगे रहिऐ।इस पृतिनिधिमंडल के सदस्य हैं सुरेशनीरव,अरविन्द पथिक,मृगेन्दृ मकबूल,रमाकांत पूनम,भगवानसिंह हंस और एक अनजाने साथि शिवनारायन जी।शुभ यात्रा।समाचार